कमलनाथ कैबिनेट में कौन-कौन मंत्री होंगे यह पहेली दो दिन की कवायद के बाद भी नहीं सुलझ पाई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दो घंटे तक पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ विचार मंथन किया लेकिन मंत्रियों के लिए मापदंड तय नहीं हो पाए। शनिवार को कमलनाथ फिर राहुल एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात करेंगे।
भोपाल । मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों यूरिया का संकट पैदा हो गया है। कलेक्टरों द्वारा पुलिस अधीक्षक की मदद से 'संगीनों के साये' में यूरिया बंटवाया जा रहा है। लगभग एक दर्जन जिलों के कलेक्टरों ने पत्र लिखकर सरकार से कहा है कि जल्द ही यूरिया की व्यवस्था कराई जाए, अन्यथा कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव भले खत्म हो गए हों पर अभी भी राजनीतिक गलियारों में हवा गर्म है। इसकी वजह शिवराज सिंह की ओर से दिए जा रहे वो बयान हैं, प्रदेश की राजनीति को लेकर संकेत माने जा रहे हैं। उनके इन बयानों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इन बयानों को लोकसभा से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ लोग इसे विधानसभा के बारे में संकेत मान रहे हैं।
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद कि शपथ लेते ही कमलनाथ ने कहा था कि वे 70 प्रतिशत रोजगार मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करेंगे और साथ ही ऐसे उद्योग-धंधे को छूट देंगे जो मध्य प्रदेश के युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देगी. कमलनाथ के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनपर विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया है. वहीं अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कमलनाथ को आड़े हाथों लिया है.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की नई सरकार बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले नहीं कर पाएगी।
मध्यप्रदेश के शिवराज सिंह चौहान अब पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के पड़ोसी होंगे. चौहान अब श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री निवास खाली कर 74 बंगले स्थित बी-8 शासकीय आवास में रहने जाएंगे. इस बंगले पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. शिवराज को यह बंगला सांसद रहते हुए 2005 में आवंटित किया गया था.
इंदौर। प्रदेश की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 दिसंबर को भोपाल में होगा। समारोह से दो दिन पहले ही शहर के तमाम कांग्रेसियों ने राजधानी में डेरा डाल लिया है। इनमें नवनिर्वाचित विधायकों, समर्थकों, जिला व शहर अध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ ही टिकट से वंचित रहे संगठन के लोग भी शामिल हैं। इंदौर से 200 से ज्यादा कांग्रेसी भोपाल पहुंचे हैं।
मध्यप्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अब किसान कर्ज माफी का वादा पूरा करना होगा। वि
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता कर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। शिवराज ने प्रदेश की जनता को धन्यवाद देते हुए जनमत का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मप्र में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।
मध्य प्रदेश मे मतगणना चल रही है ,इस बार यहाँ कांग्रेस और भाजपा के बीच काँटे की टक्कर हैं।